रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों को एक नई और विशिष्ट पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड तथा स्कूल भवनों की रंग योजना को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की नई यूनिफॉर्म ‘हरे रंग’ पर आधारित होगी। वहीं, अनुशासन और व्यावसायिकता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों के लिए भी औपचारिक ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। इसके तहत महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों को अपना आधिकारिक पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा।
ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से सजेंगे स्कूल भवन
सीबीएसई स्कूलों के आधारभूत ढांचे को आकर्षक बनाने के लिए भवनों के लिए भी विशेष रंग योजना तय की गई है। इन सभी स्कूल भवनों को ‘ऑलिव ग्रीन’ और ‘सैंड बेज’ रंगों से रंगा जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पूरी तरह से पेशेवर होना चाहिए, जिसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं (एक्सेसरीज) का प्रयोग किया जाए।
आधारभूत ढांचे के लिए 80 करोड़ जारी, 5 करोड़ और मिलेंगे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को उनके घर के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 80 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी कर दी है, जबकि 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी। बैठक में विधायक सुरेश कुमार, चंद्र शेखर, नीरज नैय्यर और सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।