नाबालिग से दरिंदगी मामले में रामपुर पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो दोषियों को 20-20 साल का कठोर कारावास, लगाया जुर्माना

Lok Adalat 2024

Himachal News: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सख्त सजा सुनाई है।

अदालत ने आरोपी तबरेज आलम उर्फ बिराज और लखिन्द्र उर्फ लक्की को पोक्सो एक्ट व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। राज्य सरकार की ओर से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।

रामलीला देखकर लौटते समय पीड़िता को बनाया था शिकार

उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 26 सितम्बर 2025 की शाम की है। पीड़िता अपनी पड़ोसी सहेली के साथ रामलीला देखने नजदीकी मैदान में गई हुई थी। रात करीब साढ़े 9 बजे जब वह अकेली अपने क्वार्टर की ओर लौट रही थी, तभी सड़क पर एक पिकअप वाहन आकर रुका। आरोपी तबरेज आलम ने पीड़िता को जबरन गाड़ी में खींच लिया, जिसके बाद दोनों आरोपी उसे जंगल की ओर ले गए और वहां मासूम के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

15 गवाहों की गवाही और पुख्ता सबूतों के आधार पर सजा

वारदात के बाद पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी उसे सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए थे। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच की और अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक व पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पोक्सो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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