Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से पंचायत चुनाव की मतगणना और पोलिंग पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। सलूणी विकासखंड की ठाकरी मट्टी पंचायत में प्रधान पद के चुनाव के चार महीने बाद हुई रिकाउंटिंग में पूरा चुनावी परिणाम ही पलट गया है। चार महीने पहले पहली मतगणना के आधार पर जिसे 37 मतों से हारा हुआ घोषित किया गया था, वह प्रत्याशी दोबारा हुई गिनती में 44 वोटों के बड़े अंतर से विजयी घोषित हुई हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हुई इस रिकाउंटिंग के बाद भारती ठाकुर को ठाकरी मट्टी पंचायत की नई प्रधान घोषित किया गया है। गौरतलब है कि 26 मई को हुई पहली मतगणना के दौरान संतोष कुमारी को 597 वोट और भारती ठाकुर को 561 वोट दिखाकर संतोष कुमारी को विजेता घोषित कर दिया गया था। लेकिन परिणाम से असंतुष्ट भारती ठाकुर ने कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेते हुए एसडीएम सलूणी की अदालत में चुनाव याचिका दाखिल की थी।
एसडीएम के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने की दोबारा गिनती
भारती ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसडीएम सलूणी ने मतों की दोबारा गिनती कराने के आदेश जारी किए। बीडीओ सलूणी कंवर सिंह ने बताया कि प्रशासनिक निर्देशों के तहत बीडीओ, सीडीपीओ, एसईपीओ और जेई की तीन सदस्यीय विशेष समिति की मौजूदगी में निष्पक्ष रिकाउंटिंग कराई गई। दोबारा हुई गिनती में भारती ठाकुर के खाते में 601 वोट निकले, जबकि संतोष कुमारी को केवल 557 मत मिले। 5 वोट अवैध पाए गए और 4 मतदाताओं ने नोटा (NOTA) का इस्तेमाल किया था।
हार के बाद न्याय की जंग, एक महीने के भीतर दायर की थी याचिका
चार महीने बाद नया जनादेश मिलने पर भारती ठाकुर ने खुशी जताते हुए कहा कि पहली मतगणना के समय गलत आंकड़े सामने रखे गए थे, जिसके खिलाफ उन्होंने एक महीने की कानूनी समय सीमा के भीतर एसडीएम के पास याचिका दर्ज कराई थी। दोबारा हुई पारदर्शी मतगणना से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। चार महीने के लंबे अंतराल के बाद आए इस फैसले ने पूरे चंबा जिले की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।