Himachal News: कांगड़ा जिले के धर्मशाला स्थित प्रसिद्ध दुर्गेश्वर महादेव डलझील मेले के उपलक्ष्य में शुक्रवार रात्रि आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम का आगाज अरविंद द्वारा गाए गए भजन ‘शिव कैलाशों के वासी’ से हुआ। इसके उपरांत सुनील राणा, इशांत भारद्वाज, वर्षा कटोच तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कलाकारों ने लोकगीतों व पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की सतरंगी छटा बिखेरी।
इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में आयुष, खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंदर गोमा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि उप मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता, मेला समिति को 51 हजार का अनुदान
जनसभा को संबोधित करते हुए आयुष मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेलों का संरक्षण करना प्रदेश सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने डलझील मेले के इतिहास में पहली बार महाआरती तथा सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन करने के लिए विधायक केवल सिंह पठानिया और मेला आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
1.50 करोड़ से हो रहा ‘छोटे मणिमहेश’ का कायाकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्य सचेतक एवं विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ‘छोटा मणिमहेश’ के नाम से विख्यात धर्मशाला की डलझील धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से अति-महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने जानकारी दी कि डलझील के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
25 साल बाद रुका डलझील में पानी
विधायक ने बताया कि विभिन्न तकनीकी प्रयासों के बाद लगभग 25 वर्षों बाद डलझील में जल संचयन संभव हो पाया है, जो समूचे क्षेत्रवासियों के लिए बेहद खुशी का विषय है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी विभागों के समन्वय से यहां स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इस दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया ने मेला समिति को 50,000 रुपये तथा स्थानीय होटल एसोसिएशन की ओर से 25,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया।