रमेश कंवर: कुल्लू
Himachal News: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र कुल्लू द्वारा संचालित विशेष पुनर्वास शिविरों का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर 10, 11, 24 और 25 सितंबर 2026 को कुल्लू जिले के बंजार एवं भुंतर ब्लॉक की 11 पंचायतों में आयोजित किए गए।
सहायक आयुक्त जयबन्ती ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इन शिविरों के माध्यम से टील, थाटीबीड, गोपालपुर घाउगी, कनोन, दुशाहड, रैला-1, रैला-2, बनोगी, देवगढ़ गोही, मशियार और तुंग पंचायतों के दिव्यांगजनों को मौके पर ही विभिन्न प्रकार की सहायता एवं सुविधाएं प्रदान की गईं।
292 लोगों का हुआ पंजीकरण और 209 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित
जयबन्ती ठाकुर ने बताया कि इन चार दिवसीय शिविरों में कुल 292 व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 209 दिव्यांगजन प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए। शिविरों के दौरान 93 ऐसे दिव्यांगजन पहुंचे जिनके मेडिकल प्रमाण पत्र पहले से बने हुए थे, जबकि 17 नए व्यक्तियों का मेडिकल मूल्यांकन किया गया।
व्यावसायिक प्रशिक्षण और शैक्षणिक मदद के मामले तैयार
दिव्यांगजनों के स्वरोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु 1 दिव्यांगजन को चिह्नित किया गया, ताकि वह अपना रोजगार शुरू कर सके। इसके साथ ही स्कूल जाने वाले 2 दिव्यांग बच्चों को मिलने वाली वित्तीय व शैक्षणिक सहायता (कृत्ति) के मामले भी मौके पर ही तैयार किए गए।
56 लोगों की ऑडियोमेट्री जांच और सुनने की मशीनें वितरित
स्वास्थ्य जांच सुविधाओं के तहत कुल 56 व्यक्तियों की सुनने की क्षमता यानी ऑडियोमेट्री की जांच की गई और उन सभी जरूरतमंदों को सुनने की मशीन उपलब्ध करवाई गई। शिविरों के दौरान वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने के लिए मौके पर ही जरूरी उपकरण प्रदान किए गए।
75 लोगों को वॉकिंग स्टिक और 11 को व्हीलचेयर की सुविधा
चलने-फिरने में असमर्थ 75 वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। इसके अलावा 11 गंभीर रूप से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर के मामले मौके पर ही स्वीकृत एवं तैयार किए गए, ताकि उन्हें आवाजाही में राहत मिल सके।
सरकारी योजनाओं और दिव्यांगता रोकथाम की दी गई जानकारी
शिविरों में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही दिव्यांगता की शीघ्र पहचान करने, उसके बचाव व रोकथाम के उपायों तथा जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र कुल्लू में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।