Himachal News: हिमाचल प्रदेश की मंडी पुलिस ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहन तकनीकी जांच के आधार पर कुल्लू से लेकर हरियाणा तक फैले एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य सप्लायर सहित कुल 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मंडी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने नशीले पदार्थों के इस बड़े नेटवर्क के मुख्य सरगना को भी दबोच लिया है।
जुलाई में फोरलेन पुल पर नाकेबंदी के दौरान पकड़ी गई थी चरस और अफीम की खेप
इस पूरे मामले की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जब सदर मंडी थाना पुलिस की टीम ने शिला-किप्पड़ फोरलेन पुल के समीप नाका लगाया हुआ था। जांच के दौरान एक निजी बस में सवार सोनीपत (हरियाणा) निवासी तीन युवकों के कब्जे से 568 ग्राम अफीम और 5.535 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
कुल्लू के आनी से दबोचा गया मुख्य सप्लायर
शुरुआती जांच में पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नशे की इस बड़ी खेप के मुख्य स्रोत का पता लगाया। जांच के तार कुल्लू जिले के आनी उपमंडल से जुड़े, जहां दबिश देकर पुलिस ने राहुल ठाकुर और जीत राम उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि जीत राम उर्फ जीतू ही इस अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सप्लायर है, जो पहाड़ी इलाकों से चरस व अफीम एकत्रित कर बाहरी राज्यों में सप्लाई करता था।
फॉरवर्ड लिंकेज की जांच में हरियाणा के सोनीपत से 75 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार
मामले की विस्तृत तफ्तीश करते हुए मंडी पुलिस की टीम ने हरियाणा में फॉरवर्ड लिंकेज खंगाला। जांच के आधार पर पुलिस ने 1 अक्तूबर को सोनीपत से 75 वर्षीय रणबीर सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस कानून की धारा 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने तस्करी के काम में इस्तेमाल की जा रही एक गाड़ी को भी जब्त कर लिया है।
नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों पर भी कसेगा शिकंजा: एसपी विनोद कुमार
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस इस गिरोह के वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित संपर्कों की गहनता से पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है, ताकि नशे के इस कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सके।