Himachal News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मनाली व कुल्लू दौरे को लेकर सुरक्षा सख्त, धारा 163 लागू और ड्रोन उड़ाने पर रोक

रमेश कंवर: कुल्लू

Himachal News: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मनाली जिले के प्रस्तावित प्रवास को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित क्षेत्रों में विभिन्न कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

जिला दंडाधिकारी कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार राष्ट्रपति का यह प्रस्तावित दौरा 6 से 8 अक्तूबर, 2026 तक रहेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अटल टनल रोहतांग तथा मनाली स्थित प्रसिद्ध माता हिडिंबा मंदिर भ्रमण को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

 

हथियार ले जाने और हवाई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार 5 से 8 अक्तूबर, 2026 तक पुलिस थाना मनाली के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी निर्धारित मार्गों पर आम नागरिकों द्वारा हथियार एवं गोला-बारूद ले जाने अथवा उनके उपयोग पर सख्त पाबंदी रहेगी। यह प्रतिबंध अटल टनल रोहतांग, साउथ पोर्टल से सासे हेलीपैड मार्ग, माता हिडिंबा मंदिर और आसपास के सभी संबंधित गांवों में लागू रहेगा। हालांकि, यह नियम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, अर्धसैनिक बलों और सेना के जवानों पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, पूरे क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडर, मानवरहित विमान और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

 

खुदाई और भूमिगत कार्यों पर रोक

राष्ट्रपति के प्रवास मार्गों और संभावित क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए खुदाई, नाली खोदने या इसी प्रकार के अन्य कार्यों पर रोक लगा दी गई है। जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खुदाई से भूमिगत फाइबर और संचार लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकृत सरकारी संस्थाओं को ही विशेष परिस्थितियों में नियम का पालन करते हुए कार्य करने की अनुमति होगी।

 

नियमों के उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

जिला दंडाधिकारी ने बताया कि परिस्थितियों की तात्कालिकता और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। राष्ट्रपति के प्रवास की समाप्ति तक यह आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...