रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ‘चालान 2 पे’ पहल का शुभारंभ किया। इसके तहत अब लोग मौके पर ही चालान का सुरक्षित, सुविधाजनक और रियल-टाइम डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इस सुविधा से लोगों को भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे चालान जारी होने के स्थान पर ही डिजिटल माध्यम से चालान राशि का भुगतान कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक द्वारा पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल भुगतान को सुविधाजनक बनाना ही नहीं, बल्कि चालान राशि के संग्रह में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और एकत्रित राशि सीधे राज्य कोष में जमा होगी। नकद लेन-देन को कम करने के साथ-साथ यह व्यवस्था राजस्व की हानि की संभावना को रोकने में भी सहायक होगी।
एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 1500 ई-बसें और 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें
मुख्यमंत्री ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में निगम को 1,500 नई ई-बसें उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नई बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर होनी चाहिए और वे हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को पहले ही 297 ई-बसें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। राज्य सरकार हाइड्रोजन से संचालित बसें शुरू करने पर भी विचार कर रही है और आने वाले समय में 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें तथा 100 सुपर डीलक्स बसें भी खरीदी जाएंगी।
ऊना और नालागढ़ में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों का होगा संचालन
मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में ई-चार्जिंग अधोसंरचना के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के अधिकारियों को 30 ई-वाहन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने ऊना जिले तथा नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालय को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करने के भी निर्देश दिए ताकि हरित परिवहन को बढ़ावा मिल सके।
परिवहन विभाग का राजस्व बढ़कर 995 करोड़ रुपये पहुंचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 में विभाग का राजस्व 510 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल की जीवन रेखा है। उन्होंने बताया कि ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है।