Shimla News: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार की यात्रा पर निकली 27 वर्षीय युवती प्रेषिता मेहता की पहाड़ी से गहरी खाई में गिरने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान प्रेषिता मेहता पुत्री शैलेंद्र मेहता, निवासी गांव चायल डूबलू, जिला शिमला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रेषिता शनिवार सुबह अपने दो अन्य साथियों के साथ श्रद्धा और आस्था के साथ चूड़धार यात्रा के लिए रवाना हुई थीं। तीनों श्रद्धालु पैदल यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे, लेकिन मंडाहलाणी से कुछ दूरी पर अचानक प्रेषिता का पैर फिसल गया। पहाड़ी और ढलानदार रास्ता होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकीं और अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरीं।
घटना घटित होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रा मार्ग पर चीख-पुकार शुरू हो गई। हादसा इतना भयावह था कि प्रेषिता लगभग 300 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरीं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और साथियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला और गंभीर घायल अवस्था में उपचार के लिए तुरंत नागरिक अस्पताल चौपाल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेटी की मौत की खबर से परिवार में छाया मातम, चौपाल में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और मृतका के परिजनों को सूचित किया गया। जिस बेटी के सुरक्षित घर लौटने की आस परिवार लगाए बैठा था, उसकी असामयिक मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे चायल डूबलू गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की पोस्टमार्टम और हादसे की जांच
सूचना मिलने के उपरांत पुलिस टीम ने अस्पताल पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौपाल पुलिस हादसे के exact कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया संपन्न होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
कठिन पहाड़ी यात्रा मार्गों पर सुरक्षा उपायों और अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता
चूड़धार यात्रा का पैदल मार्ग अत्यधिक संकरा, ढलानदार और जोखिम भरा है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी व दुर्गम धार्मिक यात्रा मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों और यात्रियों द्वारा बरती जाने वाली सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।