रमेश कंवर: शिमला
Shimla News: राजधानी शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गाइनोकोलॉजी (गायनी) ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई कि गायनी ओपीडी को कमला नेहरू अस्पताल में ही यथावत संचालित रखा जाए। समिति ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया, तो आने वाले समय में राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सरकार को केएनएच से ओपीडी को स्थानांतरित करने के बजाय इसी अस्पताल में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केएनएच में महिलाओं के लिए रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, समिति ने 1 अप्रैल 2026 से विभिन्न स्वास्थ्य जांच टेस्टों की दरों में की गई बढ़ोतरी को भी तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद महिलाओं को उठानी पड़ रही परेशानी
फालमा चौहान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि केएनएच से जुड़ा यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद ओपीडी सेवाओं को आईजीएमसी में स्थानांतरित किए जाने से दूर-दराज से आने वाली महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कई बार गर्भवती महिलाओं को पहले आईजीएमसी में जाकर पर्ची कटवानी पड़ती है और फिर इलाज व भर्ती के लिए वापस केएनएच आना पड़ता है। इस दोहरी दौड़-धूप से विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। जनवादी महिला समिति ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि महिलाओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए गायनी ओपीडी को कमला नेहरू अस्पताल में ही पूर्ण रूप से बहाल रखा जाए, ताकि एक ही छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।