Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशा माफिया और अवैध सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) की ताबड़तोड़ कार्रवाइयां जारी हैं। सीआईए की विशेष टीम ने थाना कांगड़ा के तहत बीरता क्षेत्र में एक कबाड़ की दुकान पर औचक छापेमारी कर कबाड़ के धंधे की आड़ में चलाए जा रहे अवैध नशे के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से करीब 200 ग्राम चरस बरामद कर दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि नशे का यह अवैध नेटवर्क दो उम्रदराज व्यक्ति (55 और 68 वर्ष) मिलकर चला रहे थे। पुलिस ने चरस को तुरंत अपने कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कांगड़ा पुलिस की सीआईए टीम को गुप्त सूत्रों से सटीक इनपुट मिला था कि बीरता स्थित एक कबाड़ की दुकान में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए कबाड़ की दुकान पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।
जब पुलिस टीम ने दुकान के कोने-कोने की गहनता से तलाशी ली, तो वहां छिपाकर रखी गई 196.02 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत पूरी खेप को सील कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 55 वर्षीय विकास शर्मा उर्फ ‘किंग’ निवासी गांव नतेहड़ (कांगड़ा) और 68 वर्षीय प्रेम कुमार निवासी वार्ड नंबर-9 (कांगड़ा) के रूप में हुई है। कबाड़ के व्यापार का मुखौटा पहनकर ये दोनों आरोपी लंबे समय से इलाके में नशे का जाल फैला रहे थे।
पुलिस अब दोनों बुजुर्ग आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि वे इतनी बड़ी मात्रा में चरस की सप्लाई कहां से लाए थे और इसे आगे किन-किन स्थानीय युवाओं या पेडलर्स को बेचा जाना था। पुलिस इस रैकेट से जुड़े मुख्य सप्लायरों और बैकवर्ड लिंकेज को बेनकाब करने में जुट गई है।