नशे की सप्लाई चेन पर शिमला पुलिस का प्रहार: पंजाब और चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर व बैंक कर्मी गिरफ्तार

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रमेश कंवर: शिमला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के अवैध कारोबार और ‘चिट्टा’ (हेरोइन) सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने के लिए शिमला पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की विशेष टीमों ने ‘बैकवर्ड लिंकेज’ के आधार पर अंतरराज्यीय नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए पंजाब और चंडीगढ़ से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों में पंजाब के फाजिल्का से एक कथित मुख्य नशा सप्लायर शामिल है, जबकि मनीमाजरा (चंडीगढ़) से एक सहकारी बैंक के कर्मचारी को सलाखों के पीछे धकेला गया है। दोनों मामलों में पुलिस अब सप्लाई चेन की अगली कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है।

पहली बड़ी सफलता ढली थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में मिली है। ढली पुलिस ने बीते 28 अगस्त को भट्टाकुफर-ढली टनल मार्ग पर एक टैक्सी की चेकिंग के दौरान 6.5 ग्राम हेरोइन के साथ सुन्नी निवासी दुष्यंत वर्मा और आनी निवासी अक्षय शर्मा को दबोचा था। आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ के दौरान नशे के मुख्य स्रोत का सुराग मिला।

टेक्निकल सर्विलांस और बैकवर्ड लिंकिंग से पता चला कि फाजिल्का (पंजाब) निवासी 24 वर्षीय अजय कुमार ने मोहाली में अक्षय शर्मा को चिट्टा सप्लाई किया था। जांच में दोनों के बीच 10,500 रुपये का वित्तीय लेन-देन और लगातार फोन संपर्क की पुष्टि हुई। इसके बाद शिमला पुलिस की टीम ने 14 सितंबर को फाजिल्का के गांव मोजेवाला में दबिश देकर अजय को धर दबोचा। अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

दूसरा मामला सदर पुलिस थाना शिमला से जुड़ा हुआ है। 8 सितंबर को पुलिस ने कृष्णानगर के सनमजीत और सुमित सपरा को 5 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले की बैकवर्ड लिंकिंग करते हुए पुलिस की जांच की सूई मनीमाजरा (चंडीगढ़) निवासी 31 वर्षीय गौरव तिशावर तक पहुंची।

शिमला पुलिस की टीम ने मनीमाजरा में दबिश देकर आरोपी गौरव को गिरफ्तार किया। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी एक नामी सहकारी बैंक में कार्यरत है और अपनी नौकरी की आड़ में नशा बेचकर अवैध कमाई कर रहा था। पुलिस ने उसके घर की तलाशी के दौरान 9.31 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद की। अदालत में पेशी के बाद बैंक कर्मी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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