रमेश कंवर: काजा
जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की सांस्कृतिक राजधानी काजा में दो दिवसीय प्रसिद्ध स्पीति फेस्टिवल (Sapiti Festival) का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हो गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन लाहौल-स्पीति की विधायक अध्यक्ष अनुराधा राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए दीप प्रज्वलित कर किया। शुभारंभ अवसर पर काजा का समूचा माहौल पारंपरिक लोक धुनों, वाद्य यंत्रों की गूंज और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर हो उठा।
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि स्पीति फेस्टिवल केवल एक मेला मात्र नहीं है, बल्कि यह स्पीति घाटी की समृद्ध लोक संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और अनमोल विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सदियों पुरानी जनजातीय संस्कृति को संजोकर रखने तथा इसे नई पीढ़ी तक हस्तांतरित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यह मंच स्थानीय कलाकारों, लोक गायकों और सांस्कृतिक दलों को अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
स्पीति वासियों और मेला आयोजन समिति की लंबे समय से चली आ रही मांग पर बोलते हुए विधायक ने आश्वासन दिया कि स्पीति फेस्टिवल को जिला स्तरीय मेले का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करवाकर इसे जिला स्तरीय दर्जा दिलवाया जाएगा, जिससे भविष्य में इस महोत्सव के आयोजन के लिए अधिक बजट, सुविधाएं और भव्यता प्राप्त हो सकेगी।
इस अवसर पर एडीसी काजा शिखा, बीडीओ अंशुल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे छेरिंग, टीएसी सदस्य वीर भगत सहित पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
महोत्सव के पहले दिन स्थानीय महिला मंडलों और सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक छम व लोक नृत्यों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विधायक निधि से एक लाख रुपये की अनुदान राशि, मेधावी छात्रों को बांटे गए लैपटॉप
समारोह के दौरान विधायक ने महोत्सव के सफल संचालन के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्पीति घाटी के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप वितरित किए गए। उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के बच्चे भी प्रतिभा में किसी से कम नहीं हैं और राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध करवाएगी।